महराजगंज में महिला प्रधान बनी कठपुतली, पति ने विकास के नाम पर की लूट! भ्रष्टाचार की परतें खुलीं तो मचा हड़कंप
- By UP Samachaar Plus --
- Thursday 18 Sep, 2025
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महराजगंज : मिठौरा ब्लॉक के ग्रामसभा मुजहना बुजुर्ग में जमकर लूट खसोट मची है. यहां महिला ग्रामप्रधान को कठपुतली बनाकर मात्र रख दिया गया है. और प्रधानपति जवाहर गुप्ता और इनके लोगों ने गांव में विकास के नाम पर दोनों हाथों जमकर भ्रष्टाचार किया है.
मिली जानकारी के अनुसार मिठौरा ब्लॉक के ग्रामसभा मुजहना बुजुर्ग में महिला ग्रामप्रधान सुनीता देवी को केवल कठपुतली बनाकर रखा गया है. मुजहना बुजुर्ग की महिला ग्रामप्रधान सुनीता देवी है जो मात्र कठपुतली है. जहा ग्रामप्रधान का सारा काम काज उक्त महिला ग्रामप्रधान के कंधों पर है लेकिन उक्त महिला प्रधान के पति जवाहर गुप्ता ने इन्हें कठपुतली बनाकर स्वयं प्रधान बनकर विकास के नाम पर जमकर लूट खसोट किया है.
सूत्रों की मानें तो महिला प्रधान सुनीता देवी चुनाव के बाद से ही कभी नजर नही आई उनके पति जवाहर गुप्ता जो कोटा संचालन करते है वही प्रधानी का सारा काम काज करते है, और ग्रामीणों का शपथ पत्र पर भी स्वयं सुनीता देवी बनकर फर्जी हस्ताक्षर करते है.
UP Samachar Plus लगातार मुजहना बुजुर्ग में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है. सूत्रों ने यह भी बताया है कि खबर चलने के बाद अब जवाहर गुप्ता ब्लॉक के अधिकारियों की चरण वंदना में जुट गए है.
जिले के उच्चाधिकारियों ने UP Samachar Plus से बताया कि मिठौरा ब्लॉक के सोनवल ग्रामसभा 8 आपात्रो से सरकारी आवास का 9.60 लाख रुपया रिकवरी करने का आदेश जारी किया.
अब कुछ दिनों में मुजहना बुजुर्ग ग्रामसभा का भौतिक सत्यापन किया जाएगा यदि ग्रामप्रधान सुनीता देवी दोषी पाई जाती है तो इनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्यवाई करते हुए अपात्रों से रिकवरी की जाएगी.
सूत्रों के मुताबिक़ तत्कालीन सचिव पवन गुप्ता और रोजगार सेवक की मिलीभगत से सरकारी आवास के जियो टैगिंग में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है. तत्कालीन सचिव पवन गुप्ता ने निजी लाभ लेकर अपात्रों को पात्र बनाकर सरकारी आवास का लाभ दे दिया. साथ ही पवन गुप्ता ने उक्त ग्रामसभा के एक सरकारी कर्मचारी को भी सरकारी आवास का लाभ दे दिया जबकि यह पूर्ण रूप से नियम विरुद्ध है.
यदि अधिकारियों ने उक्त मामले में निष्पक्षता से जाँच की तो उक्त ग्रामप्रधान सुनीता गुप्ता भ्रष्टाचार के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे तक जा सकती है साथ ही इनके परिवार से कोटा का दुकान भी हटाया जा सकता है.

